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Showing posts from December, 2014

MAHAKAL STATUS FOR SHIVRATRI

History of maharaja GULAB SINGH

MAHARAJA GULAB SINGH
Gulab SinghMaharaja of Jammu and KashmirReign1846-1857PredecessorJit Singh
As Raja of JammuSuccessorRanbir Singh
IssueRanbir SinghDynastyJamwalFatherKishore SinghBorn18 October 1792
JammuDied30 June 1857 (aged 64)ReligionHinduism
Gulab Singh (1792–1857) was the founder and first Maharaja of the princely state of Jammu and Kashmir, the second largest princely state in British India, which was created after the defeat of the Sikhs in the First Anglo-Sikh War. The Treaty of Amritsar, 1846, formalised the sale by the British to Gulab Singh for 7,500,000 rupees of all the lands in Kashmir that were ceded to them by the Sikhs by the Treaty of Lahore


Contents Early career
The Hill fort of Maharaja Gulab Singh,1846 drawing. Gulab Singh was born on 18 October 1792 in a Hindu Jamwal

Long Rajput Poems

बड़ी कवितायें LONG  RAJPUT Poems
आखिर कब तक हम आखिर कब तक हम अपने पूर्वजों द्वारा, रोपित फसल ही खाते रहेंगे, आखिर कब तक हम उनके अच्छे कार्यों की, बस जय जय कार लगते रहेंगे,
महाराणा ,पृथ्वी,कुंवर सिंह, और बहुत से बड़े हैं नाम, देश और कौम की खातिर,त्याग दिए जिन्होंने प्राण, हाँ, उनकी जय जय कार लगाने में है हम सबकी शान, पर आज का ये युग अब फिर मांग रहा हमसे बलिदान,
आखिर कब तक आपस में लड़ लड़ कर , अपना सम्मान लुटवाते रहेंगे, आखिर कब तक हम आपसी फूट के कारण, अपना सर्वस्व गंवाते रहेंगे,,
अब तो जागो मेरे रणबांकुरों,तुम ऐसा कुछ कर जाओ, उनकी जय जय कार करो,अपनी भी जय करवाओ, जैसे हम उनके वंशज करते सम्मान से उनको याद, उसी तरह सम्मान करें हमारा, सब इस जग से जाने के बाद ,
हम सब मिलकर ''अमित'' कर जाएँ ऐसा कारनामा, जिस से सारे गर्व से बोलें ''जय जय वीर राजपूताना''


राजपूतो का सबसे प्यारा आभूषण तलवार

आज तुम्हे चिंघाड़ की याद कराता हूँ आज तुम्हे राजपूतो के सबसे प्यारे आभूषण तलवार के बारे में बताता हूँ.... ये तो युगों सेस्वामीभक्ति करती रही अपने होठो से दुश्मन का रक्तपात करती रही अरबो को थर्राया इसने,…